बुधवार, 3 मार्च 2010

लरज़ते हुए लफ्ज़

क्या ब्लॉग की दुनिया में कोई ऐसा जानकार है ?....जो कन्धे के बार बार डिस्लोकेट होने के कारण जो मेंब्रेन (झिल्ली ) फट जाती है ....जिसके लिए डॉक्टर उसकी सिलाई का ऑपरेशन ही एकमात्र इलाज बताते हैं ....या फिर साथ ही साथ शैलो केप्सूल ( उथला) के लिए हड्डी कुरेद कर कन्धे के किनारे पर लगाने को कहते हैं |क्या कोई डॉक्टर कोई और उपचार बता सकता है ? आज सही राय मिलना भी मायने रखता है |जरुर बताएँ......बेटे को पाँच बार इस तकलीफ से गुजरना पड़ा....

तेरे लरज़ते हुए लफ्ज़
तेरी भर्राई हुई आवाज़
कह देती है
कि तू मुश्किल में है
है कलेजा थाम के रखना मुझे
कुछ टूट के उछला है पेशानी तक
मेरी दुआओं ने गति पकड़ी है
जिगर का टुकड़ा है , मेरे क़द से ऊँचा
कलेजे में समाया है
उड़ के आ जाती मगर
दूरियों के काबू में हूँ
मेरी सदायें सँभालेंगी तुझको
मैं तेरे आस पास ही हूँ

8 टिप्‍पणियां:

शंकर फुलारा ने कहा…

बाबा रामदेव ने जो प्राणायाम आज जनता को बताया है,उनसे वाकई चमत्कार हो रहा है . बेटे को जरुर करवाईये
किसी हानि (साईड इफेक्ट ) का डर नहीं है, सीखने के लिए सुबह पांच से साढ़े सात आस्था चैनल पर देख सकते है. ज्यादा छोटा बच्चा है तो कठिन है . पांच -सात साल से ऊपर का बच्चा आराम से कर सकता है. साथ में आपको करना पड़ेगा जिससे बच्चे को प्रेरणा मिलेगी. अधिक जानकारी के लिए मेरा इमेल पता है ही

M VERMA ने कहा…

मेरी सदायें सँभालेंगी तुझको
मै कोई जानकार तो नही हाँ विश्वास जरूर है कि आपकी दुआओ का असर होगा

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' ने कहा…

शारदा जी, आदाब
थोडा अजीब केस है. हम तो पहली बार ही सुन रहे हैं.
आप हौसला रखिये. मालिक कोई हल ज़रूर निकालेगा.
दुआ करते हैं बेटा इस तकलीफ़ से निजात पाये (आमीन)

शहरोज़ ने कहा…

सफ़र के सजदे के दौरान गीत-ग़ज़ल, जीवन दोस्तों के संग और भी चीज़ें पढता रहा...इधर से उधर होता रहा.

भाव, विचार , बेचैनी,लिख डालने की आकुलता..शब्दों को सलीक़े से रखने की तमीज़ .
.लाबोलुबाब कि आपका हर कोना अच्छा लगा.
ये परेशानी हमारे भी कुछ परिचितों को है वोह भी स्थायी इलाज की तलाश में हैं.खुदा आपके बच्चे को दर्द से जल्द से जल्द छुटकारा दे.आमीन.

neelima garg ने कहा…

beautiful poems...

Udan Tashtari ने कहा…

दुआओं का असर तो खैर होता ही है, तो दुआएँ बेटे के साथ है.

ईश्वर बेटे की तकलीफ जल्द दूर करे.

डॉ .अनुराग ने कहा…

there is no other option than surgery...now a days its being done by arthroscope ..but it should be done by a experience orthopedic surgeon ...one name is dr anant joshi...bombay....he has done a lot of work in it....

इस्मत ज़ैदी ने कहा…

शारदा जी ,
जिस बच्चे के साथ उसकी मां की दुआएं हों उसे तो तकलीफ़ से ज़रूर निजात मिलेगी
बस उस विधाता पर भरोसा रखिए
आप की कविता सीधे मन में उतर गई