शुक्रवार, 11 जनवरी 2013

Happy Daughter's Day

International Daughter's Day 


बेटी , जिगर का टुकड़ा 
फूलों का जैसे मुखड़ा 

बेटी है दिल की धड़कन 
जैसे हो कोई दौलत 

बेटी है घर की ज़ीनत 
दिन-रात जैसे महके 

बेटी है अपना आप 
हसरतों का जागता रूप 

बेटी है मीठा कर्ज़ 
हँस-हँस के भोगें मर्ज़ 

बेटी का दुख जन्जीरें 
दुखती रगें न कोई छेड़े 

बेटी है कोई नेहमत 
खुदा की हो जैसे रहमत 

झोली में माँ की गुलशन 
सींचे जो दुआओं से 

दिल में नमी है इतनी 
आँखों में उतरे मौसम 

आसमाँ हो उतरा जैसे 
जगत है अपने घर में 

10 टिप्‍पणियां:

अरुन शर्मा "अनंत" ने कहा…

बहुत ही सुन्दर रचना दिल को छू गई हार्दिक बधाई

निहार रंजन ने कहा…

बहुत अच्छे से बेटी को परिभाषित किया है. सुन्दर रचना.

Sunil Kumar ने कहा…

बहुत सुंदर बेटियों को याद करने के लिए अच्छी रचना बधाई

kshama ने कहा…

Jigar ka tukda hee maan ke pala tha apni beti ko...na jane kahan kho gaya wo tukda?

Krishna Kumar Yadav ने कहा…

Bahut sundar rachna..badhai.

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

प्रभावशाली ,
जारी रहें।

शुभकामना !!!

आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज़)
आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

शारदा अरोरा ने कहा…

आप सब के स्नेह के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ..

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति | शुभकामनायें . हार्दिक आभार हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

शालिनी कौशिक ने कहा…

दिल छू गयी आपकी प्रस्तुति . भारत सदा ही दुश्मनों पे हावी रहेगा .
साथ ही जानें
@ट्वीटर कमाल खान :अफज़ल गुरु के अपराध का दंड जानें .

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बेटियों के बिना संसार कुछ भी नहीं ...
दिल को छूती हुई रचना ...