बड़ी बेटी का जन्मदिन , ९ दिसंबर ...
फूलों पे चलो
खुशबू में पलो
दुनिया है तुम्हारी
गुलाबों सा खिलो
आसमाँ तो है कितना बड़ा
उड़ के देखो
रहती दुनिया के
चाँद सितारों से मिलो
हसरतें यूँ भी अक्सर
आतीं मन रँगने
नूर के महलों को
सूरज के ठिकानों सा रंगो
बृहस्पतिवार, 8 दिसम्बर 2011
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5 टिप्पणियाँ:
बेटियां होती ही हैं गुलाब सी....सुंदर रचना। जन्मदिन की शुभकामना।
panchhee saa udo
sooraj saa chamko
nirantar mahakte raho
nice wordings,badhaayee
जन्मदिन की हार्दिक बधाई हमारी ओर से भी......
Bitiya ko janam din kee anek shubh kamnayen!
बेटी को जन्मदिन की बहुत शुभकामनायें !
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