वही बहाने , ना-नुकर के फ़साने
उदासियों में इज़ाफा
चलें तो चलें कैसे
चलें जो दिल से तो गुज़र होती नहीं
चलें दिमाग से तो दिल सा कोई मिलता नहीं
फूल कलियाँ , तीर तरकश , सुइयाँ काँटे
नसीब ने झोली भर भर बाँटे
फूलों के मुखड़े तो भूले
सुइयाँ काँटे उम्र सारी ले बैठे
कोई लत , कोई शौक , कोई सनक
तो चाहिए ज़िन्दगी के वास्ते
किसी और ही लय को माँगती है ज़िन्दगी
कोई खनक तो चाहिए ज़िन्दगी के वास्ते ...
उदासियों में इज़ाफा
चलें तो चलें कैसे
चलें जो दिल से तो गुज़र होती नहीं
चलें दिमाग से तो दिल सा कोई मिलता नहीं
फूल कलियाँ , तीर तरकश , सुइयाँ काँटे
नसीब ने झोली भर भर बाँटे
फूलों के मुखड़े तो भूले
सुइयाँ काँटे उम्र सारी ले बैठे
कोई लत , कोई शौक , कोई सनक
तो चाहिए ज़िन्दगी के वास्ते
किसी और ही लय को माँगती है ज़िन्दगी
कोई खनक तो चाहिए ज़िन्दगी के वास्ते ...


