श्रद्धांजलि
पापा छत ,पूरा आसमान लपेटे हुए
बच्चों की पूरी दुनिया
बच्चों से चहकती उनकी फुलवारी
बच्चों की ख़ुशी में खुश , बच्चों की मामूली से मामूली ज़रूरत भी उनकी प्राथमिकता
पापा महफ़ूज़ियत , सुरक्षा का दूसरा नाम
पापा हैं तो कोई ग़म नहीं फटकता पास
पापा हैं तो काँटों की बाड़ी में भी हर आराम
पापा जैसे जीवन की कड़ी धूप में बरगद की छाया का अहसास
पापा बेटियों के हीरो
उँगली पकड़ के चलना सिखाते जो
कन्धे पर बिठा दुनिया दिखाते जो
पापा घर की शान
पापा नाम , शोहरत , पहचान
पापा हैं तो है दुनिया को जीत लेने का अहसास
पापा माँ की आँखों की चमक
माँ के चेहरे का नूर
माँ का सच्चा श्रृंगार
पापा सिर का ताज
पापा हैं तो यकीन और हौसला साथ
पापा का जाना
एक रिक्तता का पसर जाना
जिसकी कोई भरपाई नहीं
रह गईं तो फ़क़त उनकी बातें बाक़ी
रह गई तो बस उनके सौम्य व्यक्तित्व की महक बाक़ी
और यादों में बचा है उनका बात-बात पर मृदु परिहास , रिश्ते की गर्मी और नसीहतें
नहीं दिल दुखाया उन्होंने किसी का भी
हम जो कुछ भी हैं आज ,उनकी ही वजह से हैं
बस यही निशाँ हैं उनके और उनका यही खजाना है हमारे पास
हमारे पापा , हमारा पूरा आसमान


