सफर के सजदे में

सूरज उगता है बस तेरे लिए ....... मौके , हिम्मत और उम्मीद लिए ...... ये सौगात है बस तेरे लिए .....

बुधवार, 7 अगस्त 2013

नींव हिलाते लोग मिले

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कैसे-कैसे लोग मिले  ऐसे वैसे लोग मिले  इक भी मिला न मन का साथी  ऐसे कैसे सँजोग मिले  खेल रहे हैं जज़्बातों से   तभी तो मन के रोग मिल...
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सोमवार, 29 जुलाई 2013

पानी पर तेरा चेहरा

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पानी पर तेरा चेहरा ख़्वाबों ने बनाया कई कई बार ... रँग हकीकत ही न भरने आई चलती फिरती मूरत में ईमान का रँग थोड़ा ज्यादा होगा ... वो शह...
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बुधवार, 17 जुलाई 2013

दुनियाँ-जहान की खुशियाँ तुम्हें मिलें

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बेटे ने चार्टर्ड-एकाउनटेंट की फ़ाइनल परीक्षा डिस्टिंक्शन के साथ पास कर ली , मन बाग़-बाग़ हो उठा .... दुनियाँ-जहान की खुशियाँ तुम्हें मि...
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रविवार, 7 जुलाई 2013

ये पूछ तू मेरे दिल से

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छोटी बहन जैसी भांजी , सात जुलाई ...जन्म-दिन ...मन जैसा बोल रहा था वैसा ही लिख दिया ... मेरी बहना ,तू किसी और ही मिट्टी की है  किसी और ...
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शुक्रवार, 21 जून 2013

नामोँ-निशाँ न कल का

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उत्तरा-खण्ड में हुई भारी तबाही से उपजी ये पंक्तियाँ ... त्राहि-त्राहि कर उठा हिमालय , फटा है सीना धरती का  केदार-नाथ , भगवान शिव की नगर...
गुरुवार, 30 मई 2013

ये लीची और आम के पेड़

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ये आँगन में खड़े लीची और आम के पेड़   झुक गईं हैं डालियाँ फलों के बोझ से  बरसों से खड़े हैं राह तकते  बोता है कोई और , खाता है कोई और ...
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रविवार, 12 मई 2013

माँ वो हस्ती है

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माँ वो हस्ती है जिसे ,यादों से मिटाना नामुमकिन  जमीं पर चलाती है जो उँगली पकड़ ,  आसमाँ ओढ़ाती है दुआओं का जो ज़िन्दगी भर  अहसास की खुश...
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मेरे बारे में

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शारदा अरोरा
नैनीताल से रुद्रपुर और अब नोएडा
एक रिटायर्ड चार्टर्ड एकाउंटेंट बैंक एक्जीक्यूटिव अब प्रैक्टिस में ,की पत्नी , इंजिनियर बेटी, इकोनौमिस्ट बेटी व चार्टेड एकाउंटेंट बेटे की माँ , एक होम मेकर हूँ | कॉलेज की पढ़ाई के लिए बच्चों के घर छोड़ते ही , एकाकी होते हुए मन ने कलम उठा ली | उद्देश्य सामने रख कर जीना आसान हो जाता है | इश्क के बिना शायद एक कदम भी नहीं चला जा सकता ; इश्क वस्तु , स्थान , भाव, मनुष्य, मनुष्यता और रब से हो सकता है और अगर हम कर्म से इश्क कर लें ?मानवीय मूल्यों की रक्षा ,मानसिक अवसाद से बचाव व उग्रवादी ताकतों का हृदय परिवर्तन यही मेरी कलम का लक्ष्य है ,जीवन के सफर का सजदा है|
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