सफर के सजदे में

सूरज उगता है बस तेरे लिए ....... मौके , हिम्मत और उम्मीद लिए ...... ये सौगात है बस तेरे लिए .....

गुरुवार, 29 नवंबर 2012

थोड़ा पुचकारा है

›
इक झन्नाटेदार थप्पड़ कुदरत ने  हमें धीरे से मारा है  टूट कर बिखर न जाएँ कहीं , थोड़ा पुचकारा है  ज़िन्दगी की न्यामतें दे कर सभी  चुपके...
3 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 19 नवंबर 2012

पूनम सी कोई करामात

›
आज दीवाली है  बहुत चाहा कि तुम्हारा दरवाजा खटखटा कर कहूँ कि  ' शुभ दीपावली '  मगर बस सोच सोच कर रह गई  कितनी ही बार बस मै...
1 टिप्पणी:
मंगलवार, 30 अक्टूबर 2012

ढूँढना पड़ता है

›
राह चलते यूँ ही नहीं मिल जाता है मकसद  ढूँढना पड़ता है अपनी धड़कनों का भी सबब  किस राह से आये सुकूँ , किस रास्ते आये बिखराव  टूट के बिख...
1 टिप्पणी:
गुरुवार, 18 अक्टूबर 2012

दिन ढले रोज सुबह के ख्वाब

›
वक्त मरहम है तो सताता क्यूँ है  भूली बिसरी यादों की याद दिलाता क्यूँ है  वक्त गुज़रा अच्छा भी बुरा भी  फिर ये सानिहा सा रातों को जगाता ...
2 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012

कोई नहीं झाँकता

›
मैंने वो अजनबीयत तुम्हारी आँखों मे  बहुत पहले ही देख ली थी कोई रोके खड़ा है कोई रो के खड़ा है महज़ शब्दों का हेर फेर नहीं ये सैलाब की ...
2 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 3 अक्टूबर 2012

तेरी धरोहर

›
हड्डी हड्डी टूट जुड़े  इन्सां का हौसला परवान चढ़े  दूर खुदा बैठा ये सोचे  किसके नाम का मन्तर ये  मेरे जैसा काम करे  सुख अपनी गलियों म...
2 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 24 सितंबर 2012

ज़िन्दगी तेरी इतनी तलब

›
एक बड़े प्यारे मित्र कैंसर से जूझ रहे हैं ,जब उनसे मिलने अस्पताल गई ,मेरा हाथ पकड़ कर वे बेतहाशा रोये ...कहने को तो उन्हें सँभाला ...मगर वा...
6 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
शारदा अरोरा
नैनीताल से रुद्रपुर और अब नोएडा
एक रिटायर्ड चार्टर्ड एकाउंटेंट बैंक एक्जीक्यूटिव अब प्रैक्टिस में ,की पत्नी , इंजिनियर बेटी, इकोनौमिस्ट बेटी व चार्टेड एकाउंटेंट बेटे की माँ , एक होम मेकर हूँ | कॉलेज की पढ़ाई के लिए बच्चों के घर छोड़ते ही , एकाकी होते हुए मन ने कलम उठा ली | उद्देश्य सामने रख कर जीना आसान हो जाता है | इश्क के बिना शायद एक कदम भी नहीं चला जा सकता ; इश्क वस्तु , स्थान , भाव, मनुष्य, मनुष्यता और रब से हो सकता है और अगर हम कर्म से इश्क कर लें ?मानवीय मूल्यों की रक्षा ,मानसिक अवसाद से बचाव व उग्रवादी ताकतों का हृदय परिवर्तन यही मेरी कलम का लक्ष्य है ,जीवन के सफर का सजदा है|
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.